
खेती-किसानी में आवारा पशुओं और नीलगाय से होने वाले नुकसान से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने फसलों की सुरक्षा के लिए ‘तारबंदी योजना’ (Field Fencing Scheme) के तहत सब्सिडी की घोषणा की है, इस योजना के जरिए छोटे और सीमांत किसानों को उनकी लागत का 60% तक हिस्सा सरकार की ओर से अनुदान के रूप में मिलेगा।
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क्या है योजना और किसे मिलेगा लाभ?
सरकार का मुख्य उद्देश्य उन किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने खेतों की घेराबंदी नहीं कर पाते।
- राजस्थान अपडेट: राजस्थान सरकार की ‘कांटेदार तारबंदी योजना’ के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को कुल लागत का 60% (अधिकतम ₹48,000) अनुदान दिया जा रहा है, वहीं सामान्य किसानों के लिए यह राशि 50% (अधिकतम ₹40,000) तय की गई है।
- उत्तर प्रदेश अपडेट: यूपी में ‘मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना’ के तहत सोलर फेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है, इसमें भी लघु-सीमांत किसानों को 60% या ₹1.43 लाख प्रति हेक्टेयर तक की सहायता मिल रही है।
- नया बदलाव: व्यक्तिगत आवेदन के लिए अब न्यूनतम भूमि की सीमा घटाकर 0.5 हेक्टेयर (लगभग 2 बीघा) कर दी गई है।
जरूरी दस्तावेज और पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
- आधार कार्ड और जन आधार कार्ड।
- जमीन की जमाबंदी (नकल), जो 6 महीने से पुरानी न हो।
- बैंक खाते का विवरण (पासबुक की फोटोकॉपी)।
- किसान का घोषणा पत्र कि उन्होंने पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया है।
आवेदन की प्रक्रिया: यहाँ से भरें फॉर्म
किसान भाई योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
- ऑनलाइन: राजस्थान के किसान राज किसान साथी पोर्टल (RajKisan Sathi Portal) पर जाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं।
- ई-मित्र: नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है।
- टोकन सिस्टम: उत्तर प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यंत्र/फेंसिंग हेतु टोकन जनरेट करना होगा
सामुदायिक समूह (10 या अधिक किसान) बनाकर आवेदन करने पर अनुदान की राशि 70% तक बढ़ सकती है, जिससे लागत और भी कम हो जाएगी।
















