
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी न्यूक्लियर बैटरी (Nuclear Battery) विकसित की है जो 433 साल तक बिजली दे सकती है, यह तकनीक मुख्य रूप से अंतरिक्ष अभियानों के लिए बनाई गई है जहाँ सूरज की रोशनी नहीं पहुँचती और सोलर पैनल काम नहीं करते।
Table of Contents
433 साल वाली अमेरिसियम-241 बैटरी
वैज्ञानिक अब Americium-241 नामक रेडियोएक्टिव तत्व पर आधारित बैटरी पर काम कर रहे हैं।
- लंबी उम्र: वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले प्लूटोनियम-238 की लाइफ लगभग 88 साल होती है, जबकि अमेरिसियम-241 की हाफ-लाइफ लगभग 433 साल है।
- बिना चार्जिंग: यह बैटरी रेडियोएक्टिव क्षय (radioactive decay) से पैदा होने वाली गर्मी को बिजली में बदलती है, इसलिए इसे कभी चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती।
- उपयोग: इसका मुख्य उद्देश्य गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) के उन मिशनों को शक्ति देना है जो कई सदियों तक चल सकते हैं।
चीन की 50 साल वाली ‘सिक्के’ जैसी बैटरी
हाल ही में चीन की स्टार्टअप Betavolt ने एक ऐसी परमाणु बैटरी पेश की है जो 50 साल तक लगातार बिजली दे सकती है।
- आकार: यह एक छोटे सिक्के के बराबर है।
- सुरक्षा: कंपनी का दावा है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है, इसमें आग नहीं लगती और कोई हानिकारक रेडिएशन बाहर नहीं निकलता।
- भविष्य: कंपनी का मानना है कि भविष्य में ऐसे फोन और ड्रोन आ सकते हैं जिन्हें कभी चार्ज करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
क्या यह सोलर पैनल की जगह लेगी?
फिलहाल यह तकनीक घरों में सोलर पैनल की जगह नहीं ले सकती, क्योंकि:
- पावर आउटपुट: इन बैटरियों का शुरुआती पावर आउटपुट बहुत कम है, जो केवल छोटे सेंसर के लिए पर्याप्त है।
- कीमत: ये अभी बहुत महंगी हैं और केवल वैज्ञानिक और सैन्य उद्देश्यों के लिए विकसित की जा रही हैं।
















