LIC की यह बच्चों के लिए डिज़ाइन की गई योजना उन परिवारों के लिए खास है, जो ऊंची पढ़ाई, अच्छी नौकरी या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए छोटी‑छोटी रकम लगातार इकट्ठा करना चाहते हैं। इसमें अगर आप रोज़ाना सिर्फ 150 रुपए की बचत करें, तो 25 साल तक इस दर से निवेश करने पर लगातार बचत बढ़कर लगभग 19 लाख रुपए तक के फंड में बदल सकती है। यह योजना न सिर्फ़ बचत और रिटर्न देती है, बल्कि बच्चे के लिए जीवन बीमा कवर भी प्रदान करती है, जिससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

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योजना कैसे काम करती है?
रोज़ाना 150 रुपए का निवेश लगभग 4,500 रुपए प्रति माह और 54,000 रुपए प्रति वर्ष के बराबर होता है। 25 साल तक इसी रफ्तार से प्रीमियम भरने पर कुल निवेश लगभग 13.5 लाख रुपए बन जाता है। इस पर LIC की तरफ से मिलने वाले वार्षिक बोनस और अन्य लाभ जुड़कर यह राशि लगभग 19 लाख रुपए तक पहुँच सकती है। हालांकि यह आंकड़ा अनुमानित है और भविष्य में बोनस दरों पर निर्भर करेगा, कोई पूर्ण गारंटी नहीं है।
मनी‑बैक और मैच्योरिटी लाभ
इस योजना की एक बड़ी खूबी यह है कि बच्चे की तय उम्र पर मनी‑बैक लाभ भी मिलता है। यानी पॉलिसी की अवधि के बीच में ही कुछ निश्चित समय पर एक निश्चित राशि वापस मिलती है, जिसे बच्चे की स्कूल या कॉलेज फीस, कोचिंग, टेक्निकल कोर्स या दूसरे जरूरी खर्चों पर खर्च किया जा सकता है। अंत में मैच्योरिटी पर बड़ी राशि बच्चे के नाम पर उपलब्ध होती है, जिससे उसकी उच्च शिक्षा, रोजगार या निजी योजनाएँ पूरी करने में मदद मिलती है।
बीमा कवर और जोखिम प्रबंधन
इस योजना के साथ बच्चे के लिए एक न्यूनतम जीवन बीमा कवर भी जुड़ा होता है। अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को बीमा राशि और तय बोनस मिलता है, जिससे परिवार को आर्थिक रूप से थोड़ी राहत मिलती है। इस तरह यह केवल निवेश प्लान नहीं, बल्कि जोखिम कवर भी प्रदान करती है।
टैक्स लाभ और लंबी सोच
टैक्स की दृष्टि से भी यह योजना फायदेमंद है। Income Tax एक्ट की धारा 80C के तहत तय सीमा तक दिया गया प्रीमियम छूट के लिए दाखिल हो सकता है। इसी तरह, मैच्योरिटी और मनी‑बैक पर मिलने वाली राशि Section 10(10D) के अनुसार टैक्स‑फ्री हो सकती है, बशर्ते सरकार की शर्तें पूरी होती रहें। हालांकि यह योजना लंबी अवधि की है; पॉलिसी को जल्दी छोड़ने पर सरेंडर वैल्यू कम मिल सकती है। इसलिए इसे चुनने से पहले अपने जोखिम सहन, निवेश लक्ष्य और उम्र को ध्यान में रखकर योजना बनाना जरूरी है।
















