
इन दिनों Gen-Z के बीच ‘राइस बीयर’ (Rice Beer) तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है, सोशल मीडिया पर इसे लेकर ट्रेंड बन चुका है, जहां इसे पारंपरिक और “हेल्दी” ड्रिंक के तौर पर पेश किया जा रहा है, खासतौर पर नॉर्थ-ईस्ट भारत और कुछ एशियाई देशों में सदियों से बनाई जाने वाली यह पेय अब शहरी युवाओं की पसंद बनती दिख रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या राइस बीयर सच में सेहत के लिए फायदेमंद है या यह सिर्फ एक नया ट्रेंड है?
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क्या है राइस बीयर?
राइस बीयर चावल से बनाई जाने वाली एक पारंपरिक अल्कोहलिक ड्रिंक है, जिसे किण्वन (fermentation) की प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, इसमें आमतौर पर जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक यीस्ट का इस्तेमाल होता है, जिससे इसका स्वाद और सुगंध अलग होती है।
क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज?
विशेषज्ञों के मुताबिक, Gen-Z में ‘नेचुरल’ और ‘ट्रेडिशनल’ चीजों की ओर झुकाव बढ़ा है। इसी कारण राइस बीयर को एक ऑर्गेनिक और कम केमिकल वाली ड्रिंक के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे वीडियो और रील्स ने भी इसकी लोकप्रियता को बढ़ावा दिया है।
सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि:
- सीमित मात्रा में राइस बीयर का सेवन कुछ हद तक नुकसान नहीं पहुंचाता
- इसमें प्रोबायोटिक्स और कुछ पोषक तत्व पाए जा सकते हैं
- लेकिन यह एक अल्कोहलिक ड्रिंक है, इसलिए अधिक सेवन से लीवर और पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है
डॉक्टर्स यह भी साफ करते हैं कि इसे “हेल्दी ड्रिंक” मानना पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि इसमें मौजूद अल्कोहल शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों की मानें तो राइस बीयर को लेकर जो “अमृत” जैसी छवि बनाई जा रही है, वह अतिशयोक्ति है, किसी भी तरह की शराब का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। खासतौर पर युवाओं को ट्रेंड के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए।
राइस बीयर भले ही पारंपरिक और नेचुरल ड्रिंक हो, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित या फायदेमंद मानना सही नहीं है, Gen-Z में इसका बढ़ता क्रेज कहीं न कहीं सोशल मीडिया से प्रभावित है, ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और संतुलित सेवन को ही प्राथमिकता दें।
















