
1 मई, 2026 से पैन (PAN) कार्ड से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव लागू होने जा रहे हैं, इनकम टैक्स विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, अब केवल आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जरिए नया पैन बनवाना या पुराने में सुधार करना संभव नहीं होगा, आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा पेश किए गए नए नियमों के तहत अब अतिरिक्त सहायक दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं।
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1 मई से क्या बदलेगा?
अभी तक आधार कार्ड का उपयोग पहचान, पते और जन्मतिथि (DOB) के प्रमाण के रूप में अकेले ही किया जा सकता था। हालांकि, 1 मई से आवेदकों को जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आधार के अलावा निम्नलिखित में से कम से कम एक आधिकारिक दस्तावेज देना होगा:
- वोटर आईडी कार्ड
- पासपोर्ट
- नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
- ड्राइविंग लाइसेंस
- 10वीं कक्षा (मैट्रिक) की मार्कशीट या सर्टिफिकेट
- मजिस्ट्रेट द्वारा जारी शपथ पत्र (Affidavit)
नए आवेदन फॉर्म होंगे अनिवार्य
सरकार ने पुराने आवेदन फॉर्मों को भी बदल दिया है। अब पुराने फॉर्म 49A और 49AA स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इनकी जगह नए फॉर्म लागू किए गए हैं:
- Form 93: भारतीय नागरिकों और संस्थाओं के लिए। Protean (NSDL) पर उपलब्ध।
- Form 95: विदेशी नागरिकों और संस्थाओं के लिए।
आधार से नाम का सटीक मिलान जरूरी
अब पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट किया जाएगा जो आपके आधार रिकॉर्ड में दर्ज है। यदि आपके आधार और आवेदन में नाम का थोड़ा भी अंतर (जैसे स्पेलिंग मिस्टेक) पाया जाता है, तो UTIITSL या NSDL की प्रणाली आपके आवेदन को रिजेक्ट कर देगी।
लेनदेन की सीमाओं में संशोधन
नियमों के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन में पैन की अनिवार्यता की सीमाएं भी बदल गई हैं:
- बैंक जमा: अब एक वित्तीय वर्ष में ₹1 लाख से अधिक जमा करने पर पैन देना अनिवार्य होगा (पहले यह प्रति लेनदेन ₹50,000 था)।
- प्रॉपर्टी: अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए पैन की अनिवार्यता सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है।
क्या पुराने कार्ड धारकों पर होगा असर?
राहत की बात यह है कि जिन लोगों के पास पहले से पैन कार्ड मौजूद है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, उनके पुराने कार्ड पूरी तरह वैध रहेंगे, ये नए नियम केवल उन लोगों के लिए हैं जो 1 मई के बाद नया आवेदन करेंगे या अपने पुराने कार्ड में कोई सुधार (Correction) या अपडेट करवाना चाहेंगे।
















