
आयकर विभाग ने Income Tax Rules 2026 के तहत पैन कार्ड (PAN Card) से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुके हैं, अब नकद में बड़ी खरीदारी करने वालों के लिए वैकल्पिक फॉर्म (जैसे पुराने नियमों में Form 60) के रास्ते लगभग बंद कर दिए गए हैं।
Table of Contents
₹5 लाख से अधिक मूल्य के वाहन
अब ₹5 लाख से अधिक कीमत वाली किसी भी मोटर गाड़ी (कार या कमर्शियल वाहन) की खरीद-बिक्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। पुराने नियमों में यह अनिवार्यता लगभग सभी वाहनों पर थी, लेकिन नए नियम में ₹5 लाख की सीमा तय की गई है।
₹2 लाख से अधिक का सोना और आभूषण
सोना, चांदी या कीमती पत्थरों के आभूषण खरीदने के लिए यदि लेनदेन की राशि ₹2 लाख से अधिक है, तो पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा, सरकार का उद्देश्य बड़े नकद लेनदेन को ट्रैक करना है।
₹20 लाख से अधिक की अचल संपत्ति
अचल संपत्ति (घर या जमीन) खरीदने या बेचने के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता सीमा अब बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है, इससे कम मूल्य के सौदों में कुछ राहत दी गई है, लेकिन बड़े निवेश बिना पैन के संभव नहीं होंगे।
₹1 लाख से अधिक के होटल या रेस्टोरेंट बिल (नकद)
यदि आप किसी लग्जरी होटल, रेस्टोरेंट या किसी बड़े आयोजन (Banquet/Event) का बिल नकद में चुका रहे हैं और यह राशि ₹1 लाख से अधिक है, तो पैन कार्ड अनिवार्य है, पहले यह सीमा ₹50,000 थी।
₹50,000 से अधिक के निवेश उत्पाद
शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर या आरबीआई बॉन्ड में ₹50,000 से अधिक का निवेश करने के लिए पैन कार्ड की जानकारी देना आवश्यक है। साथ ही, शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए डीमैट अकाउंट खोलना भी बिना पैन के संभव नहीं होगा।
मुख्य बदलाव: Form 60 की जगह Form 97
जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं था, वे पहले Form 60 भरकर लेनदेन कर सकते थे, अब इसकी जगह Form 97 लाया गया है, लेकिन इसका दायरा बहुत सीमित कर दिया गया है, ऊपर बताए गए हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए अब पैन कार्ड ही एकमात्र विकल्प है।
















