
ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठगों ने मासूम ग्राहकों को लूटने का नया तरीका निकाला है आकर्षक ऑफर्स और भारी डिस्काउंट का लालच देकर ठग अब फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं, अगर आप भी अक्सर ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
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सावधान! असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटों का जाल
आजकल स्कैमर्स नामी-गिरामी ई-कॉमर्स कंपनियों की हूबहू नकल कर नकली वेबसाइटें तैयार कर रहे हैं, इन साइटों पर प्रोडक्ट्स की कीमतें इतनी कम रखी जाती हैं कि ग्राहक बिना सोचे-समझे खरीदारी कर बैठते हैं, जैसे ही आप इन साइटों पर अपने कार्ड की डिटेल्स डालते हैं या पेमेंट करते हैं, आपका डेटा और पैसा दोनों चोरी हो जाते हैं।
ठगी से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये 3 सेफ्टी टिप्स
URL की बारीकी से जांच करें (HTTPS Check)
किसी भी अनजान साइट से खरीदारी करने से पहले उसके वेब एड्रेस (URL) को जरूर चेक करें, सुरक्षित वेबसाइट हमेशा “https://” से शुरू होती है और एड्रेस बार में ‘ताले’ (Padlock) का निशान होता है, ठग अक्सर असली नाम में मामूली बदलाव (जैसे Amazon की जगह Amaz0n या Flipkart की जगह Flipkrt) कर फर्जी डोमेन बनाते हैं।
लुभावने ऑफर्स और अनचाहे लिंक्स से दूरी बनाएं
अगर कोई डील ‘अविश्वसनीय’ लग रही है (जैसे 50,000 का फोन मात्र 5,000 में), तो समझ जाएं कि यह एक जाल है, व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध शॉपिंग लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक ऐप या सीधे ब्राउज़र में नाम टाइप करके ही शॉपिंग करें।
पेमेंट सिक्योरिटी का रखें खास ख्याल
पेमेंट करते समय अपना OTP, पिन (PIN) या कार्ड का CVV किसी के साथ साझा न करें याद रखें, कोई भी भरोसेमंद कंपनी फोन पर आपसे ये गोपनीय जानकारियां नहीं मांगती, सुरक्षित लेनदेन के लिए यथासंभव क्रेडिट कार्ड या भरोसेमंद वॉलेट का उपयोग करें, क्योंकि इनमें रिफंड और सुरक्षा के बेहतर विकल्प मिलते हैं।
हेल्पलाइन नंबर याद रखें
अगर आप किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
















