
सोशल मीडिया पर एक बार फिर पुराने नोटों की वापसी को लेकर भ्रामक खबरें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं, पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2016 की नोटबंदी के दौरान बंद हुए ₹500 और ₹1000 के नोटों को बदलने के लिए एक नई ‘विंडो’ खोल दी है।
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PIB Fact Check ने खोली पोल
वायरल हो रहे इस दावे की सच्चाई जानने के लिए जब PIB Fact Check टीम ने इसकी पड़ताल की, तो यह खबर पूरी तरह से फर्जी (Fake) पाई गई। सरकारी एजेंसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि RBI ने पुराने नोटों को बदलने के संबंध में ऐसी कोई घोषणा नहीं की है और न ही कोई नया नियम जारी किया है।
अधूरी जानकारी फैला रही है भ्रम
वायरल संदेशों में यह दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों के पास पुराने नोट रह गए हैं, वे अब उन्हें निर्धारित समय के भीतर बैंक जाकर बदल सकते हैं, हालांकि, असलियत यह है कि नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद इन नोटों को बदलने या जमा करने की तय समय सीमा काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी है, वर्तमान में, ₹500 और ₹1000 के ये पुराने नोट केवल कागज के टुकड़े हैं और इनकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है।
RBI की आधिकारिक चेतावनी
रिजर्व बैंक ने हमेशा से जनता को आगाह किया है कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक संदेश पर विश्वास न करें, वित्तीय नियमों या मुद्रा से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल RBI की आधिकारिक वेबसाइट का ही संदर्भ लें, साथ ही, किसी भी संदिग्ध खबर की सत्यता जांचने के लिए आप PIB Fact Check को व्हाट्सएप नंबर +91 8799711259 पर संदेश भेज सकते हैं।
अगर आपके पास भी ऐसा कोई संदेश आता है जिसमें पुराने नोट बदलने की बात कही गई हो, तो उसे आगे फॉरवर्ड न करें, नोटबंदी का अध्याय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और वर्तमान में चल रहे ₹500 के नए नोट (महात्मा गांधी नई श्रृंखला) ही पूरी तरह वैध हैं。
















