
उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर योगी सरकार और परिवहन विभाग ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है अगर आप यूपी में वाहन चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर नियमों को अब और भी कड़ा कर दिया गया है, जिसके उल्लंघन पर आपको 15,000 रुपये तक की भारी चपत लग सकती है।
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क्यों कटेगा 15,000 का चालान? समझें नया गणित
दरअसल, परिवहन विभाग ने अब प्रदूषण जांच (PUC) के पोर्टल को HSRP डेटाबेस से लिंक कर दिया है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है:
- बिना HSRP नहीं बनेगा प्रदूषण सर्टिफिकेट: यदि आपके वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है, तो सेंटर आपका ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (PUCC) जारी नहीं कर पाएगा।
- दोहरा जुर्माना: बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना है, वहीं, बिना HSRP के गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये का अतिरिक्त चालान कटेगा।
- कुल फटका: इन दोनों नियमों के एक साथ उल्लंघन पर वाहन मालिक को कुल 15,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
पुराने वाहनों के मालिकों पर ज्यादा सख्ती
यह नियम मुख्य रूप से उन वाहनों के लिए है जो 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए थे। नए वाहनों में कंपनी की ओर से ही HSRP लगकर आती है, लेकिन पुराने वाहनों के लिए विभाग ने बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बाद अब सख्ती शुरू कर दी है।
घर से निकलने से पहले ये ‘चेकलिस्ट’ देख लें
भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए यूपी के वाहन चालक इन दस्तावेजों को अपडेट रखें:
- HSRP नंबर प्लेट: गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी प्लेट का होना अनिवार्य है।
- अपडेटेड PUC: सुनिश्चित करें कि आपका प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध है।
- ड्राइविंग लाइसेंस (DL): हमेशा साथ रखें या डिजिलॉकर में सेव रखें।
- पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC): वाहन का रजिस्ट्रेशन पेपर।
- इंश्योरेंस: वाहन का वैध बीमा (Third Party Insurance अनिवार्य)।
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन को सीज भी किया जा सकता है, इसलिए अगर आपने अभी तक अपनी गाड़ी पर HSRP नहीं लगवाई है, तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करें।
















