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इतिहास में पहली बार 20 EVM मशीनों की जांच शुरू! कांग्रेस नेता की याचिका पर बड़ा एक्शन; जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद, आज यानी 16 अप्रैल 2026 से 20 EVM और VVPAT मशीनों की तकनीकी जांच (Diagnostic Check) शुरू हो गई है, भारतीय चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब किसी उच्च न्यायालय ने मशीनों की इस तरह की प्रत्यक्ष तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं

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इतिहास में पहली बार 20 EVM मशीनों की जांच शुरू! कांग्रेस नेता की याचिका पर बड़ा एक्शन; जानें क्या है पूरा मामला
इतिहास में पहली बार 20 EVM मशीनों की जांच शुरू! कांग्रेस नेता की याचिका पर बड़ा एक्शन; जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद, आज यानी 16 अप्रैल 2026 से 20 EVM और VVPAT मशीनों की तकनीकी जांच (Diagnostic Check) शुरू हो गई है, भारतीय चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब किसी उच्च न्यायालय ने मशीनों की इस तरह की प्रत्यक्ष तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। 

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान इस सीट पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवार दिलीप लांडे से मात्र 409 वोटों के अंतर से हार गए थे, नसीम खान ने मशीनों में छेड़छाड़ और तकनीकी गड़बड़ी का संदेह जताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 

जांच की मुख्य बातें (16-17 अप्रैल 2026)

  • मशीनों की संख्या: नसीम खान की याचिका पर अदालत ने कुल 20 EVM और VVPAT मशीनों की जांच की अनुमति दी है, जो निर्वाचन क्षेत्र की कुल मशीनों का लगभग 5% है।
  • विशेषज्ञों की मौजूदगी: जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), बेंगलुरु के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।
  • डायग्नोस्टिक चेक: मशीनों के कंट्रोल यूनिट और माइक्रोकंट्रोलर की गहन तकनीकी ऑडिट की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि क्या कोई बाहरी छेड़छाड़ या अनधिकृत बदलाव किया गया था।
  • स्थान और पारदर्शिता: यह पूरी प्रक्रिया बोरीवली (पूर्व) स्थित एक गोदाम में याचिकाकर्ता, उनके द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ और चुनाव अधिकारियों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ हो रही है। 

चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

हालांकि याचिकाकर्ता इसे “पहली बार” होने वाली जांच बता रहे हैं, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के 2024-25 के नए दिशा-निर्देशों के तहत ऐसी जांच पहले भी 17 अन्य उम्मीदवारों के लिए की जा चुकी है, चांदीवली का मामला अदालत में लंबित होने के कारण अब (कोर्ट की अनुमति के बाद) शुरू हुआ है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विपक्षी दल लंबे समय से EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं, अब 17 अप्रैल के बाद आने वाले निष्कर्षों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

EVM Vvpat Verification Started
Author
info@sargujauniversity.in

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