
अगर आप भी भारी-भरकम कैश लेकर बैंक जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं, आयकर विभाग (Income Tax Department) ने नकद लेनदेन को लेकर अपने शिकंजे और कस दिए हैं, अब बैंक खातों में पैसा जमा करना उतना आसान नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था, अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती आपको आयकर विभाग के रडार पर ला सकती है और आपके पास भारी-भरकम पेनल्टी का नोटिस पहुंच सकता है।
Table of Contents
सेविंग अकाउंट: 10 लाख की लक्ष्मण रेखा
अगर आपके पास बचत खाता (Savings Account) है, तो ध्यान रखें कि एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से अधिक की नकद जमा आपके लिए मुसीबत बन सकती है। जैसे ही आप इस सीमा को पार करते हैं, बैंक इसकी जानकारी ‘स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस’ (SFT) के जरिए इनकम टैक्स विभाग को भेज देता है।
चालू खाते (Current Account) पर भी नजर
व्यापारियों के लिए भी नियम सख्त हैं। करंट अकाउंट में नकद जमा की सीमा ₹50 लाख तय की गई है। साल भर में इससे ज्यादा का कैश जमा होने पर विभाग आपसे पैसों के स्रोत (Source of Income) की पूछताछ कर सकता है।
पैन (PAN) कार्ड को लेकर नया फरमान
नए नियमों (Draft Rules 2026) के तहत सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता को और कड़ा कर दिया है। अब केवल एक दिन में ₹50,000 जमा करने पर ही नहीं, बल्कि साल भर में ₹10 लाख से अधिक के कुल नकद लेनदेन (जमा या निकासी) पर पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा।
2 लाख से ऊपर नकद लिया तो 100% जुर्माना
इनकम टैक्स के सेक्शन 269ST के तहत, किसी भी व्यक्ति से एक दिन में ₹2 लाख या उससे अधिक का नकद लेनदेन पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि आप ऐसा करते पकड़े जाते हैं, तो विभाग आप पर प्राप्त की गई राशि के बराबर यानी 100 प्रतिशत जुर्माना लगा सकता है।
ITR न भरने वालों पर टीडीएस (TDS) की मार
यदि आपने पिछले तीन सालों से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो ₹20 लाख से अधिक की नकद निकासी पर आपको 2% टीडीएस देना होगा, वहीं, नियमित करदाताओं के लिए यह सीमा ₹1 करोड़ है।
नोटिस से बचने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा अपने पास नकद का पुख्ता सबूत रखें। इसके अलावा, ट्रांजैक्शन को रिपोर्टिंग से बचाने के लिए टुकड़ों में जमा न करें, क्योंकि बैंकों का एआई-आधारित सिस्टम ऐसी चालाकी को तुरंत पकड़ लेता है।
















