
नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी और जरूरी खबर है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा पर होने वाली धांधली और डेटा की हेराफेरी को रोकने के लिए अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, अब यदि आपके FASTag पर दर्ज वाहन पंजीकरण संख्या (VRN) आपकी गाड़ी की असली नंबर प्लेट से मेल नहीं खाती है, तो आपका टैग तुरंत ‘ब्लैकलिस्ट’ (Blacklist) कर दिया जाएगा।
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धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकों को कड़े निर्देश
NHAI ने 15 अप्रैल, 2026 को सभी FASTag जारी करने वाले बैंकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इस निर्देश के तहत बैंकों को अपने द्वारा जारी किए गए सभी टैग्स का गहन सत्यापन (Verification) करने को कहा गया है। जांच के दौरान यदि किसी वाहन का FASTag नंबर उसकी असली प्लेट से अलग या अवैध पाया गया, तो बैंक बिना किसी देरी के उस टैग को ब्लॉक कर देंगे।
हाथ में पकड़कर टैग दिखाने पर भी होगी कार्रवाई
नए नियमों के अनुसार, अब चालक FASTag को हाथ में पकड़कर या डैशबोर्ड पर रखकर स्कैन नहीं करा सकेंगे, टैग का वाहन के फ्रंट विंडशील्ड पर सही तरीके से चिपका होना अनिवार्य है, यदि कोई चालक हाथ में टैग पकड़कर चालाकी करने की कोशिश करता है, तो उसे भी ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में डाल दिया जाएगा।
MLFF तकनीक की ओर बढ़ते कदम
NHAI का यह कड़ा रुख भविष्य में लागू होने वाली ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) टोलिंग व्यवस्था की तैयारी का हिस्सा है इस नई व्यवस्था में वाहन बिना रुके तेज गति से टोल पार करेंगे, जिसके लिए सटीक वाहन डेटा और सही FASTag का होना बेहद जरूरी है।
कैश पेमेंट का दौर पूरी तरह खत्म
बता दें कि नेशनल हाईवे पर 10 अप्रैल, 2026 से कैश पेमेंट की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, अब टोल प्लाजा पर केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही भुगतान स्वीकार किया जा रहा है। ऐसे में यदि आपका टैग ब्लैकलिस्ट होता है, तो आपको सफर के दौरान भारी परेशानी और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
यात्री क्या करें?
- तुरंत चेक करें कि आपका FASTag आपके वाहन के सही नंबर पर रजिस्टर्ड है या नहीं।
- यदि आपने पुरानी गाड़ी खरीदी है, तो पुराने मालिक का टैग हटाकर अपनी गाड़ी के नंबर पर नया टैग जारी करवाएं।
- सुनिश्चित करें कि आपके FASTag का KYC अपडेटेड है।
















