भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश की मुद्रा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं इसके तहत ₹100, ₹200 और ₹500 मूल्यवर्ग के नए नोट बाजार में उतारे जाएंगे हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कोई ‘नोटबंदी’ नहीं है, बल्कि नियमित सुरक्षा अपडेट और गवर्नर के हस्ताक्षरों में बदलाव की एक सामान्य प्रक्रिया है।

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नए गवर्नर के हस्ताक्षर के साथ आएंगे नोट
RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की नियुक्ति के बाद, अब आने वाले नए नोटों पर उनके हस्ताक्षर होंगे, यह एक वैधानिक प्रक्रिया है, जिसके तहत नई छपाई वाले नोटों पर वर्तमान गवर्नर के साइन होना अनिवार्य है, पुराने नोट, जिन पर पूर्व गवर्नरों के हस्ताक्षर हैं, वे पहले की तरह ही पूरी तरह वैध रहेंगे।
सुरक्षा फीचर्स में बड़ा अपडेट (2026)
नकली नोटों (FICN) पर नकेल कसने के लिए RBI 2026 तक सुरक्षा मानकों में बड़े सुधार करने जा रहा है:
- बेहतर पेपर और इंक: नोटों को फटने और गंदा होने से बचाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कागज और विशेष इंक का उपयोग किया जाएगा।
- उन्नत वाटरमार्क: असली नोट की पहचान आसान बनाने के लिए वाटरमार्क और सूक्ष्म छपाई (Micro-printing) को और अधिक स्पष्ट किया जाएगा।
- डिजाइन में मामूली सुधार: ₹100 और ₹500 के नोटों के मूल डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उनके सुरक्षा धागे और रंगों की एकरूपता को बेहतर बनाया जाएगा।
एटीएम (ATM) में अब छोटे नोटों की होगी भरमार
RBI ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि एटीएम से छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाई जाए ताकि आम जनता को छुट्टे की समस्या न हो:
- नया लक्ष्य: 30 सितंबर 2025 तक देश के 75% एटीएम में ₹100 या ₹200 का कम से कम एक कैसेट होना अनिवार्य है।
- मार्च 2026 की समयसीमा: 31 मार्च 2026 तक 90% एटीएम को इस नियम का पालन करना होगा।
सावधान! ₹500 के नोट बंद होने की खबरें हैं फर्जी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों को सरकार और PIB Fact Check ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें ₹500 के नोट बंद होने या इन्हें एटीएम से हटाने की बात कही जा रही है, सरकार ने साफ किया है कि ₹500 का नोट भारतीय अर्थव्यवस्था की मुख्य करेंसी है और इसे बंद करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
















