
केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना’ (PM-KMY) देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी करने वाले बुजुर्गों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, 60 वर्ष की आयु पार करने के बाद, इस स्कीम के तहत किसानों को ₹3,000 की न्यूनतम गारंटीड पेंशन दी जाती है।
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योजना की बड़ी बातें: क्यों है यह खास?
- निश्चित आय की गारंटी: 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 (सालाना ₹36,000) सीधे बैंक खाते में।
- पारिवारिक सुरक्षा कवच: यदि लाभार्थी किसान की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी पत्नी को 50% यानी ₹1,500 प्रति माह की पेंशन मिलेगी (बशर्ते वे स्वयं इस योजना की लाभार्थी न हों)।
- सरकार का समान योगदान: जितना प्रीमियम किसान अपनी जेब से जमा करेगा, ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी उनके पेंशन फंड में जमा करेगी।
कौन उठा सकता है फायदा? (पात्रता की शर्तें)
इस सरकारी स्कीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- उम्र: आवेदन के समय किसान की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- जमीन: केवल वही किसान पात्र हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि है।
- प्रीमियम: उम्र के आधार पर मासिक योगदान ₹55 से ₹200 तक होता है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?
पंजीकरण के लिए सरकार ने दो आसान रास्ते दिए हैं:
- ऑनलाइन (स्वयं द्वारा): किसान आधिकारिक पोर्टल maandhan.in पर जाकर ‘Self-Enrollment’ के जरिए मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की मदद से खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।
- ऑफलाइन (CSC केंद्र): अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खसरा-खतौनी दिखाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आवेदन सफल होने पर ‘किसान पेंशन कार्ड’ जारी किया जाता है।
जो किसान पहले से PM-Kisan योजना का लाभ ले रहे हैं, वे अपना प्रीमियम सीधे अपनी किस्त से कटवाने का विकल्प चुन सकते है इससे उन्हें अलग से पैसे जमा करने की चिंता नहीं रहेगी।
















