
जिले में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है, DM (जिलाधिकारी) ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी निजी स्कूल 5 साल तक अपनी यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा इस फैसले का मकसद अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना है।
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यूनिफॉर्म बदलने पर सख्त रोक
नए आदेश के अनुसार, प्राइवेट स्कूल हर साल यूनिफॉर्म बदलकर अभिभावकों को नई खरीद के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। अब एक तय अवधि यानी 5 साल तक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इससे माता-पिता को बार-बार खर्च करने से राहत मिलेगी।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही, गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
फीस और अन्य खर्चों पर भी नजर
केवल यूनिफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्कूल फीस और अन्य चार्जेस पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है बिना अनुमति फीस बढ़ाने या अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर भी कार्रवाई तय है।
अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
अगर किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो अभिभावक इसकी शिकायत जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग से कर सकते हैं। इसके लिए फीस रसीद और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि प्राइवेट स्कूल हर साल यूनिफॉर्म बदलकर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
















