
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर जारी असमंजस के बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न होंगे।
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डिप्टी सीएम का बड़ा दावा
विपक्ष द्वारा चुनाव टालने के आरोपों और राजनीतिक गलियारों में जारी चर्चाओं के बीच डिप्टी सीएम पाठक ने कहा कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएंगे और इसे लेकर किसी भी तरह का संशय नहीं होना चाहिए।
चुनाव की संभावित समयसीमा और बाधाएं
- समय सीमा: ताजा जानकारी के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया 12 जुलाई 2026 तक पूरी की जा सकती है।
- मतदाता सूची (Voter List): राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल 2026 कर दी है।
- कानूनी पेच: पंचायत चुनाव में देरी का मुख्य कारण आरक्षण निर्धारण और पिछड़े वर्ग आयोग की सिफारिशों से जुड़े मामले हैं, जो वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित हैं।
राजनीतिक सरगर्मी और विपक्ष का रुख
जहां एक तरफ सरकार समय पर चुनाव का दावा कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने आशंका जताई है कि सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों के कारण इन्हें आगे बढ़ा सकती है, कुछ मंत्रियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि कानूनी अड़चनें दूर नहीं हुईं, तो गांवों में प्रशासक (Administrators) नियुक्त किए जा सकते हैं।
ग्रामीण मतदाता और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं।
















