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सावधान! ATM से पैसा निकालना अब हुआ और महंगा; फ्री लिमिट के बाद देना होगा ₹23 प्रति ट्रांजैक्शन, जानें RBI का नया नियम

अब एटीएम से पैसे निकालने पर फ्री लिमिट के बाद 23 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन लगेंगे। मेट्रो में 5+3, अन्य शहरों में 10 फ्री। RBI का नया नियम लागू। UPI अपनाएं, खर्च बचाएं।

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बैंक ग्राहकों के लिए एक बड़ा बदलाव आ गया है। अब एटीएम मशीनों से पैसे निकालना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। हर अतिरिक्त लेनदेन पर 23 रुपये का शुल्क लगेगा, जो मासिक मुफ्त सीमा पार करने के बाद लागू होगा। यह व्यवस्था पिछले साल मई महीने से चल रही है। सभी प्रमुख बैंक इसे मानने को बाध्य हैं। जीएसटी जोड़ने पर खर्च और बढ़ जाता है।

सावधान! ATM से पैसा निकालना अब हुआ और महंगा; फ्री लिमिट के बाद देना होगा ₹23 प्रति ट्रांजैक्शन, जानें RBI का नया नियम

नए नियमों का पूरा विवरण

मेट्रो शहरों में अपने बैंक के एटीएम से पांच मुफ्त लेनदेन मिलते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से तीन मुफ्त। गैर-मेट्रो इलाकों जैसे उत्तराखंड में अन्य बैंकों पर पांच मुफ्त लेनदेन की सुविधा है। कुल दस तक मुफ्त रहते हैं। इनमें नकदी निकासी और बैलेंस जांच दोनों शामिल हैं। सीमा लांघने पर 23 रुपये प्रति लेनदेन वसूला जाएगा। एचडीएफसी, एसबीआई और अन्य बैंकों ने ग्राहकों को संदेश भेजकर इसकी जानकारी दी है।

शुल्क बढ़ने की वजहें

एटीएम मशीनों का रखरखाव, नकदी भराई और सुरक्षा पर खर्च तेजी से बढ़ा है। साइबर हमलों के मामले भी उछले हैं। इससे बैंकों को नुकसान हो रहा था। तीन साल बाद आए इस बदलाव से नेटवर्क को मजबूत बनाने का लक्ष्य है। छोटे शहरों में अपने बैंक के एटीएम कम होने से लोग दूसरों पर निर्भर रहते हैं। अब मध्यम वर्ग का मासिक खर्च 100 से 200 रुपये तक बढ़ सकता है।

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आम लोगों पर असर

देहरादून जैसे शहरों में दुकानदार, किसान और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। डिजिटल भुगतान अभी पूरी तरह नहीं फैला। नकदी पर निर्भर परिवारों को परेशानी होगी। प्रीमियम खाताधारकों को कुछ बैंकों से अतिरिक्त छूट मिल सकती है। लेकिन ज्यादातर लोगों को सतर्क रहना पड़ेगा।

बचाव के आसान उपाय

अपने बैंक के ऐप से मासिक सीमा जांचें। नजदीकी अपने बैंक एटीएम ढूंढें। गूगल मैप्स या बैंक वेबसाइट मदद करेगी। यूपीआई, फोनपे या गूगल पे का इस्तेमाल करें। इनसे कैशबैक भी मिलता है। कार्डलेस निकासी आजमाएं। बैंकों को पारदर्शी जानकारी देनी होगी। उल्लंघन पर सजा का प्रावधान है।

भविष्य की उम्मीदें

यह कदम डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहन देगा। लंबे समय में नकदी कम होगी। ग्राहक सजग होकर खर्च बचा सकेंगे। बैंकिंग सिस्टम मजबूत बनेगा। लेकिन अभी लाखों को नया नियम समझना बाकी है। सतर्क रहें और डिजिटल रास्ता अपनाएं।

Author
info@sargujauniversity.in

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