
सीबीएसई 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल ‘परसेंटेज’ (Percentage) निकालने को लेकर होता है, चूंकि बोर्ड आधिकारिक तौर पर कोई डिवीजन या मेरिट लिस्ट जारी नहीं करता, इसलिए छात्रों को स्वयं अपनी प्रतिशत की गणना करनी होती है, आइए जानते हैं ‘बेस्ट ऑफ 5’ (Best of 5) का वो फॉर्मूला जिससे आप सटीक स्कोर जान सकते हैं।
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क्या है ‘बेस्ट-5’ का गणित?
सीबीएसई के नियमों के अनुसार, परसेंटेज की गणना के लिए मुख्य रूप से 5 विषयों के अंकों का उपयोग किया जाता है यदि आपके पास 6 या उससे अधिक विषय हैं, तो चयन इस प्रकार करें:
- एक भाषा अनिवार्य: आपके पास मौजूद भाषा विषयों (जैसे अंग्रेजी या हिंदी) में से कम से कम एक विषय के अंक जोड़ना अनिवार्य है।
- टॉप 4 अन्य विषय: भाषा के अलावा, शेष बचे विषयों में से उन 4 विषयों को चुनें जिनमें आपके सबसे अधिक अंक आए हों।
- एडिशनल सब्जेक्ट का फायदा: यदि आप किसी मुख्य विषय (Main Subject) में कम अंक पाते हैं, तो आप उसे अपने 6वें (एडिशनल) विषय के अंकों से रिप्लेस कर सकते हैं, बशर्ते वह भाषा विषय न हो।
परसेंटेज निकालने का फॉर्मूला
प्रतिशत निकालने के लिए नीचे दिए गए सरल फॉर्मूले का पालन करें:
फॉर्मूला: (5 विषयों के कुल प्राप्त अंक ÷ 500) × 100
उदाहरण के लिए:
अगर आपके टॉप 5 विषयों के अंक 85, 90, 80, 75 और 95 हैं, तो इनका योग 425 होगा।
अब: (425/500) × 100 = 85%
मार्किंग स्कीम का पूरा गणित
सीबीएसई की मार्किंग स्कीम थ्योरी और प्रैक्टिकल के संयोजन पर आधारित है:
- विभाजन: विषयों के अनुसार थ्योरी 80/70 अंकों की और प्रैक्टिकल/इंटरनल असेसमेंट 20/30 अंकों का होता है।
- पासिंग क्राइटेरिया: 12वीं के छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि उन्हें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
CGPA से परसेंटेज का कन्वर्जन
यदि किसी स्थिति में आपको CGPA को प्रतिशत में बदलना हो, तो सीबीएसई का मानक फॉर्मूला अपनाएं:
परसेंटेज = CGPA × 9.5
कई विश्वविद्यालय (जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी) अपनी कट-ऑफ के लिए ‘बेस्ट ऑफ 4’ या विशिष्ट विषयों की मांग करते हैं, इसलिए कॉलेज एडमिशन के समय संबंधित संस्थान के नियमों की जांच अवश्य करें।
















