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Bh Series Rule: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए ‘BH’ सीरीज नंबर लेना हुआ और आसान! सरकार ने बदले नियम; जानें अब कौन-कौन है पात्र

भारत सरकार ने निजी क्षेत्र (Private Sector) के कर्मचारियों के लिए BH (Bharat) सीरीज पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए इसे और भी आसान बना दिया है सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य उन नौकरीपेशा लोगों को राहत देना है, जिनका काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता रहता है

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Bh Series Rule: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए 'BH' सीरीज नंबर लेना हुआ और आसान! सरकार ने बदले नियम; जानें अब कौन-कौन है पात्र
Bh Series Rule: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए ‘BH’ सीरीज नंबर लेना हुआ और आसान! सरकार ने बदले नियम; जानें अब कौन-कौन है पात्र

भारत सरकार ने निजी क्षेत्र (Private Sector) के कर्मचारियों के लिए BH (Bharat) सीरीज पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए इसे और भी आसान बना दिया है सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य उन नौकरीपेशा लोगों को राहत देना है, जिनका काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता रहता है।

अब कौन ले सकता है BH सीरीज नंबर? (पात्रता)

पहले यह सुविधा मुख्य रूप से सरकारी और रक्षा कर्मचारियों तक सीमित थी, लेकिन अब प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी भी इसके पात्र हैं, बशर्ते:

  • मल्टी-स्टेट कंपनी: आप जिस निजी कंपनी में कार्यरत हैं, उसके कार्यालय कम से कम 4 या उससे अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में होने चाहिए।
  • वर्किंग सर्टिफिकेट: आवेदक को अपनी कंपनी से एक आधिकारिक कार्य प्रमाण पत्र (Working Certificate) प्राप्त करना होगा।
  • स्वैच्छिक विकल्प: नए नियमों के अनुसार, अब पात्र व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार पुराने राज्य पंजीकरण (State Series) को BH सीरीज में बदल सकते हैं या नई गाड़ी के लिए सीधा आवेदन कर सकते हैं। 

जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया

निजी कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल माध्यम को बढ़ावा दिया है:

  • फॉर्म 60 (Form 60): प्राइवेट कर्मचारियों को अपने नियोक्ता (Employer) द्वारा हस्ताक्षरित ‘फॉर्म 60’ जमा करना अनिवार्य है। यह प्रमाणित करता है कि कंपनी की मौजूदगी 4 से अधिक राज्यों में है।
  • आधिकारिक आईडी कार्ड: कंपनी द्वारा जारी वैध एम्प्लॉई पहचान पत्र।
  • पंजीकरण: यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन ‘वाहन पोर्टल’ (VAHAN Portal) के माध्यम से पूरी की जा सकती है। 

BH सीरीज के बड़े फायदे

  • ट्रांसफर की झंझट खत्म: एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अब आपको गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन (Re-registration) कराने या एनओसी (NOC) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • किस्तों में रोड टैक्स: सामान्यतः गाड़ियों पर 15 साल का रोड टैक्स एक साथ देना पड़ता है, लेकिन BH सीरीज में आप हर 2 साल में टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। यह आर्थिक रूप से भी काफी सुविधाजनक है।
  • पूरे भारत में एक नंबर: आपकी गाड़ी का नंबर पूरे देश में मान्य होगा, जिससे अंतर-राज्यीय सीमाओं पर पुलिस चेकिंग या कागजी कार्रवाई की समस्या कम होगी। 

सरकार के इस फैसले से उन लाखों प्राइवेट कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो अक्सर शहरों के बीच माइग्रेट करते हैं, यदि आपकी कंपनी का नेटवर्क बड़ा है, तो आप भी अपनी नई गाड़ी के लिए BH सीरीज चुनकर भारी भरकम कागजी कार्रवाई से बच सकते हैं।

Bh Series Rule BH Series Update
Author
info@sargujauniversity.in

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