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Silent Authentication: अब नहीं आएगा OTP! सिम बदलते ही तुरंत ब्लॉक होगा बैंक अकाउंट; जानें RBI का नया ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ सुरक्षा नियम

डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है, सिम स्वैप (SIM Swap) और सिम क्लोनिंग के जरिए होने वाली लूट को रोकने के लिए अब 'साइलेंट ऑथेंटिकेशन' (Silent Authentication) तकनीक को अनिवार्य किया जा रहा है

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Silent Authentication: अब नहीं आएगा OTP! सिम बदलते ही तुरंत ब्लॉक होगा बैंक अकाउंट; जानें RBI का नया 'साइलेंट ऑथेंटिकेशन' सुरक्षा नियम
Silent Authentication: अब नहीं आएगा OTP! सिम बदलते ही तुरंत ब्लॉक होगा बैंक अकाउंट; जानें RBI का नया ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ सुरक्षा नियम

डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है, सिम स्वैप (SIM Swap) और सिम क्लोनिंग के जरिए होने वाली लूट को रोकने के लिए अब ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ (Silent Authentication) तकनीक को अनिवार्य किया जा रहा है, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इस नए सुरक्षा ढांचे के बाद ग्राहकों को बार-बार OTP (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन सुरक्षा की परतें पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएंगी। 

क्या है साइलेंट ऑथेंटिकेशन और यह कैसे काम करेगा?

साइलेंट ऑथेंटिकेशन एक ऐसी तकनीक है जो बैकग्राउंड में काम करती है। इसमें बैंक और टेलीकॉम कंपनियां आपस में रियल-टाइम डेटा साझा करेंगी। 

  • ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन: जब आप कोई ट्रांजैक्शन करेंगे, तो बैंक का सिस्टम टेलीकॉम ऑपरेटर से यह जांच करेगा कि जिस सिम से रिक्वेस्ट आई है, क्या वह वही सिम है जो बैंक खाते में रजिस्टर्ड है।
  • डिवाइस बाइंडिंग: यह सिस्टम यह भी चेक करेगा कि सिम कार्ड उसी फिजिकल डिवाइस (फोन) में है या नहीं, जिसे बैंक ने पहले वेरिफाई किया था।
  • सिम बदलते ही एक्शन: यदि कोई धोखाधड़ी से आपके नंबर का दूसरा सिम निकालता है या सिम क्लोन करता है, तो सिम की ‘यूनिक आईडी’ बदल जाएगी। डेटा मिसमैच होते ही बैंक तुरंत ट्रांजैक्शन रोक देगा और सुरक्षा के लिहाज से खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर देगा। 

सिम स्वैप फ्रॉड पर लगेगी लगाम

अब तक जालसाज ग्राहकों को झांसे में लेकर उनका सिम बंद करवा देते थे और उसी नंबर का दूसरा सिम लेकर OTP के जरिए खाता खाली कर देते थे नए नियम के तहत, सिम बदलते ही बैंक को इसकी जानकारी मिल जाएगी और बिना अतिरिक्त वेरिफिकेशन के कोई भी लेन-देन संभव नहीं होगा। 

1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे नियम 

RBI के नए ‘ऑल्टरनेटिव ऑथेंटिकेशन फ्रेमवर्क’ के मुख्य बिंदु:

  • OTP की विदाई: SMS आधारित OTP पर निर्भरता कम की जाएगी, क्योंकि इसे ‘फिशिंग’ के जरिए चुराया जा सकता है।
  • मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA): अब हर लेनदेन के लिए कम से कम दो स्वतंत्र सुरक्षा कारकों की आवश्यकता होगी। इसमें बायोमेट्रिक्स (Face ID या फिंगरप्रिंट) और इन-ऐप टोकन को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • डायनेमिक सुरक्षा: वेरिफिकेशन का एक तरीका ‘डायनेमिक’ होगा, जो केवल उसी खास ट्रांजैक्शन के लिए जेनरेट होगा। 

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

आम उपभोक्ताओं के लिए बैंकिंग अनुभव और भी सहज हो जाएगा, उन्हें बार-बार मैसेज चेक करके OTP डालने की जरूरत नहीं होगी, हालांकि, सिम कार्ड बदलने या फोन बदलने की स्थिति में ग्राहकों को बैंक के साथ फिर से वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम साइबर अपराधियों के लिए सेंध लगाना नामुमकिन बना देगा और डिजिटल इंडिया के सफर को और अधिक सुरक्षित बनाएगा।

Silent Authentication
Author
info@sargujauniversity.in

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