बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए शिक्षा सहायता में बड़ा बदलाव किया है। अब SC‑ST छात्रों की मौजूदा छात्रवृत्ति को लगभग दोगुना कर दिया गया है, जिससे वे अपनी पढ़ाई और जीवन‑यापन के खर्चे को आसानी से पूरा कर सकेंगे। इसी कड़ी में राज्य के डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को हर महीने ₹2,000 की मासिक छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है।

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छात्रवृत्ति में क्या हुआ बदलाव?
पहले SC‑ST छात्रों को कक्षा 1 से 10 तक प्री‑मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत वार्षिक रूप से निश्चित राशि दी जाती थी, जिसमें कक्षा 1-4 के छात्रों को ₹600, कक्षा 5-6 के लिए ₹1,200 और कक्षा 7-10 के लिए ₹1,800 प्रति छात्र वार्षिक मिलती थी। नई व्यवस्था के तहत इस राशि को दोगुना कर दिया गया है, जिससे कक्षा 1-4 के लिए ₹1,200, कक्षा 5-6 के लिए ₹2,400 और कक्षा 7-10 के लिए ₹3,600 प्रति छात्र वार्षिक मिलने लगेगी।
छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव और भी महत्वपूर्ण है। इन छात्रों की पुरानी छात्रवृत्ति ₹3,000 वार्षिक थी, जो अब ₹6,000 प्रति छात्र सालाना हो गई है। साथ ही डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले SC‑ST छात्रों की मासिक छात्रवृत्ति ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दी गई है, जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
इन संशोधनों के जरिए बिहार के लगभग 30-33 लाख SC‑ST छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित होने की संभावना है। इनमें से लगभग 10,000 छात्र ऐसे हैं, जो राज्य के 139 SC‑ST छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यह बढ़ी हुई छात्रवृत्ति उनकी फीस, भोजन, यात्रा और अन्य जरूरी खर्चों में मदद करेगी, जिससे वे बिना आर्थिक दबाव के पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे।
कौन लाभान्वित होगा?
इस योजना का लाभ उन SC‑ST छात्रों को मिलेगा, जो बिहार के सरकारी, स्थाई मान्यता प्राप्त या स्वीकृत विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा डॉ. अंबेडकर कल्याण और अन्य SC‑ST छात्रावासों में रहने वाले छात्र भी इससे फायदा उठाएंगे। लाभ के लिए आवश्यक है कि छात्र के पास वैध जाति प्रमाण‑पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, स्कूल का दाखिला पत्र और फीस रसीद हो।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया आमतौर पर ऑनलाइन होती है। बिहार सरकार के SC‑ST कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर चलाए जाने वाले “प्री‑मैट्रिक छात्रवृत्ति” पोर्टल पर जाकर नया आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है। इसमें आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है। आवेदन स्वीकृत होने पर छात्रवृत्ति छात्र के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर हो जाती है।
छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए फॉर्म छात्रावास प्रशासन या जिला स्तरीय कार्यालय से लिया जा सकता है। इस फॉर्म को भरकर जरूरी दस्तावेज संलग्न करने के बाद विभाग को भेज दिया जाता है। मंजूरी के बाद नई दर से ₹2,000 प्रति माह मासिक छात्रवृत्ति वितरित कर दी जाती है।
समाज और शिक्षा पर असर
शिक्षा विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता इस बदलाव को SC‑ST समुदाय की शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी प्रगति के रूप में देख रहे हैं। यह छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी और ड्रॉप‑आउट दर में कमी लाने का भी काम करेगी। सरकार ने इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष के आधार पर लगभग ₹500 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है, ताकि दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में भी छात्रों को इस लाभ की सुविधा समय पर मिल सके।
















