दिल्ली से पटना तक लाखों परिवारों की रसोई चलाने वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम आज स्थिर रहे। मार्च की शुरुआत में हुई वृद्धि के बाद अब कोई नया बदलाव नहीं आया। यह खबर उपभोक्ताओं के लिए राहत वाली है, लेकिन पूर्ति की कमी ने चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं।

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आज के ताजा दाम
दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 913 रुपये पर पहुंच चुका है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह करीब 800 से 850 रुपये तक मिल जाता है। पटना में यही सिलेंडर 1002 रुपये का हो गया है, क्योंकि वहां परिवहन और डीलर लागत जुड़ जाती है। मुंबई में 912 रुपये और कोलकाता में 939 रुपये का भाव है। कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर दिल्ली में 1768 रुपये तक बिक रहा। ये दरें मासिक समीक्षा के बाद तय होती हैं।
क्यों नहीं बढ़े दाम फिर से?
मार्च में पहले ही 60 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर दिखा था। तेल कंपनियां हर महीने बाजार की स्थिति देखकर फैसला लेती हैं। आज कोई नई घोषणा नहीं आई, इसलिए उपभोक्ता समुदाय ने राहत भरी सांस ली। गर्मियों में मांग बढ़ने से भविष्य में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
सप्लाई संकट का असर
देश भर में रिफिल बुकिंग का इंतजार 45 दिनों तक लंबा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कालाबाजारी चरम पर है, जहां सिलेंडर 4000 रुपये तक बिक रहे। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़ी मात्रा में अवैध स्टॉक पकड़े गए। दिल्ली-पटना राजमार्ग पर ट्रक आवागमन ठीक है, लेकिन बिहार के जिलों में 20 से 30 दिन का विलंब आम बात हो गई। छोटे व्यापारी और गृहिणियां सबसे ज्यादा परेशान हैं।
सरकारी कदम और राहत
सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। बंदरगाहों पर भारी मात्रा में आयात बढ़ाया गया, जिसमें 92 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गैस शामिल है। घरेलू उत्पादन को 25 प्रतिशत तक विस्तार दिया गया। प्रधानमंत्री ने घबराहट भरी बुकिंग रोकने की अपील की। डीबीटी से सब्सिडी सीधे खाते में आ रही, जिससे उज्ज्वला यूजर्स को प्राथमिकता मिल रही। तेल कंपनियां स्टॉक जमा करने में लगी हैं।
















